लखनऊ। अब सड़क हादसे, ट्रेन एक्सीडेंट, जहर खुरानी या बेहोशी की हालत में पाए गए व्यक्तियों को अपने घर वालों से मिलने में कोई परेशानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यही नहीं अगर किसी व्यक्ति की मौत भी हो गई है और उसकी पहचान नहीं हो पा रही है तो अब एक एप की मदद से पहचान भी हो सकेगी।
डॉ. विनोद की टीम ने तैयार किया ऐप
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जनउपयोगी एप ‘हेल्प मी डियर’ का श्ुाभारंभ किया। बता दें कि यह एप डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय के आर्थोपैडिक सर्जन डॉ. विनोद कुमार आर्या की टीम ने तैयार किया है।
ऐसे होगी पहचान
अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी दुर्घटना का शिकार हुआ यहां तक कि यदि भीड़ में खोये हुए बच्चे या सफर में छूटे हुए सामान ढूढऩे भी भी सहायक होगा। कोई भी अनहोनी होने पर ‘हेल्प मी डियर’ एप पर उसकी फोटो डाली जाएगी और फोटो डालते ही इस एप पर फोटो के साथ दिनांक, समय और स्थान खुदबखुद दिखने लगेगा। इससे वह व्यक्ति जहां भी हो उसकी पहचान हो सकेगी। ऐसे में संबंधित व्यक्तियों से घर बैठे ही संपर्क हो सकेगा। इससे पहचान से लेकर इलाज में आसानी होगी।
ये रहे मौजूद
ऐप की लॉचिंग के दौरान लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएल भार्गव, मौजूद थे। इसके अलावा केजीएमयू के कुलपति एमएलबी भट्ट ने इस ऐप की उपयोगिता को सराहा।
























