लखनऊ। जिले में सघन पल्स पोलियो अभियान 10 से 18 मार्च तक चलाया गया। इसके तहत सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि इस अभियान में कुल 7,44,256 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसके सापेक्ष कुल 7,69,730 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। इस तरह लक्ष्य से बढ़कर 103 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाई गयी।
2000 टीमों ने किया काम
डॉ. सिंह ने बताया कि भारत पोलियो मुक्त देश घोषित हो चुका है लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान में अभी भी इसका संक्रमण है। देश में दोबारा इसका वायरस न प्रवेश करे इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर पल्स पोलियो अभियान चला रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 2783 पोलियो बूथ बनाए गए थे व लगभग 2000 टीमें लगाई गयी थीं जिन्होंने घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई।
संक्रामक बीमारी
निगरानी के लिए 567 सुपरवाइजर तथा डिवीजनल अधिकारी भी नियुक्त किए गए थे। पोलियो एक वायरस पोलियो मेलाइटस से होता है, जो कि छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। यह अत्यंत संक्रामक बीमारी होती है। यह हमारे आंतों में वृद्धि करता है, जहां से यह तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है जिसके कारण लकवा हो सकता है और यह अक्सर स्थायी होता है।
पोलियो के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, थकान, गर्दन में अकडऩ व अंगों में दर्द होता है। पोलियो का कोई इलाज नहीं है इसे केवल टीकाकरण के द्वारा ही रोका जा सकता है।
























