डेस्क। आजकल बच्चे भी डायबिटीज का शिकार होते नजर आ रहे हैं। मधुमेह से बच्चों की आंखों पर भी असर पड़ता है। 10 या 11 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे मोटापे का शिकार हो रहे हैं। जिससे उन्हें डायबिटीज जैसी बीमारियां हो रही है। इसका प्रमुख कारण है ज्यादा देर तक बैठे रहना कोई स्वास्थ्य संबंधी काम नहीं करना है। बच्चे जंक फूड और डब्बा बंद खाने का प्रयोग ज्याद करते हैं इसके साथ ही अन्य खाने-पीने की आदते भी उन्हें इस बीमारी की तरफ बढ़ाती हैं। खाने में मीठी चीजों के प्रयोग ज्याद होना साथ ही फल और सब्जियां से परहेज इसका मुख्य कारण है।
ऐसा ना हो इसलिए डायबिटीज में खास देखभाल और परहेज की जरूरत होती है। एक्सपट्र्स का मानना है कि हेल्दी भोजन, फलों और सब्जियों के तीन या उससे कम हिस्से का सेवन करने से भी डायबीटिज की समस्या हो सकती है। अगर बीमारी का पता चल जाए तो उसके बाद बच्चे का इलाज संभव हो जाता हैं। साथ ही अच्छे डॉक्टर को दिखाएं ताकि आपका बच्चा इस बीमारी से लड़ सके।






















