लखनऊ। आर्थराइटिस के मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ में अब पार्शियल रिप्लेशमेंट (आंशिक घुटना प्रत्यारोपण) भी होने लगा है। इसमें घुटने के एक हिस्से का ऑपरेशन किया जाता है। घटना तीन भागों में बंटा होता है। इसमें काई एक भाग घिस जाता है। इससे मरीजों को पीड़ा होती है मरीज को चलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें पीडि़त मरीज का 4-6 मिमी के कार्टेलेज को बदलकर उसी जगह नया कार्टेलेज लगा दिया जाता है।
घुटने का 75 फीसदी हिस्सा बिल्कुल सेफ
उक्त बातें गोमती नगर स्थित मेयो मेडिकल सेंटर के आर्थोपेडिक विभाग के आरपी सिंह ने कही है। उन्होंने कहा कि घुटने का जो भाग घिसा होता है। उसी को छोटे चीरे की सहायता से ठीक किया जाता है। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि घुटने का 75 फीसदी हिस्सा बिल्कुल सेफ होता है। जो हिस्सा घिर चुका होता है, उसमें कोबाल्ट क्रोमियम की सहायता से एक नई सतह बना दी जाती है।
2020 तक भारत में आर्थराइटिस के सबसे ज्यादा मरीज
डॉक्टर आरपी सिंह ने कहा कि पार्शियल रिप्लेशमेंट में कम समय लगता है और रिकवरी जल्दी होती है। मरीज जल्दी से चलफिर सकता है। अपना नियमित काम बड़ी ही आसानी से कर सकता है और दौड़ भी लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यह समस्या जेनेटिक लोगों में ज्यादातर देखने को मिलती है। यह 3 परिवारों में से एक परिवार में होता है। यह बीमारी करीब 50 साल की उम्र में सामने आती है। उन्होंने कहा कि साल 2020 तक भारत में आर्थराइटिस के सबसे ज्यादा मरीज होंगे।
यह है कारण, ऐसा करें
जेनेटिक इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है। इसके अलावा कभी चोट लग गई हो या मोटापे से भी यह बीमारी हो सकती है। इससे बचने के लिए घूमना-टहलना, वजन को नियंत्रण में रखना, विटामिन डी, कैल्शियम की मात्रा सही हो। उन्होंने कहा कि पुरुषों में मुकाबले यह महिलाओं में ज्यादा देखने को आती हैं। युवाओं की बात करें तो एम्यून सिस्टम आर्थराइटिस के मामले सामने आ रहे हैं।
वॉकर से छुटकारा
शुरुआती समय में यदि घुटने में समस्या आ रही हो तो उसे तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएं। यदि पार्शियल रिप्लेसमेंट के बारे में डॉक्टर की राय है तो तुरंत ही इलाज करा लें। इसमें आपको वॉकर से छुटकारा मिल जाएगा। बाद में बीमारी बढ़ सकती है और आपको वॉकर का सहारा लेना मजबूरी है।
खर्च कम
खर्च की बात की जाए तो घुटना प्रत्यारोपण में करीब एक लाख 75 हजार का खर्च आता है। वहीं आंशिक घुटना प्रत्यारोपण में खर्च करीब 1 लाख 50 हजार का आता है।
























