नई दिल्ली। सरकार ने मातृत्व योजना का विस्तार 11 लाख से अधिक महिलाओं तक करते हुए अभी तक 22 लाख से अधिक महिलाओं पर इस योजना के तहत 271.66 करोड़ रुपये का व्यय किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) के मुताबिक, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के कल्याण के लिए 2017 के जनवरी में शुरू की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत 22.04 लाख महिलाओं को सूचीबद्ध किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य मजदूरी हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के लिए नकद प्रोत्साहन देना है, ताकि महिलाओं को बच्चे के प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम मिल सके।
मंत्रालय ने कहा है कि उसने अभी तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2,048 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 5,000 रुपये मिले हैं और संस्थागत वितरण के बाद जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत मातृत्व लाभ के लिए 1,000 रुपये का नगद प्रोत्साहन दिया जाता है।






















