पीजीआई का मनाया गया 35वां स्थापना दिवस, जल्द लागू होगी मेडिकल इंवेस्मेंट पॉलिसी
लखनऊ। शुक्रवार को पीजीआई का 35वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कोशिश कर रही है। जल्द ही मेडिकल इंवेस्मेंट पॉलिसी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल इंवेस्मेंट पॉलिसी तैयार की जा रही है और जल्द ही लागू किया जाएगा।
इस दौरान देश के विख्यात पद्मश्री डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि मरीजों को यदि ग्रामीण स्तर पर संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) पर सही इलाज मिल जाए तो 50 फीसदी मरीजों को बड़े अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं है। इस मौके पर पीजीआई के डीन प्रो. एसके मिश्रा, निदेशक प्रो. राकेश कपूर के साथ ही पीजीआई के डॉक्टर और कर्मचारी भी मौजूद थे।
पीपीपी मॉडल पर काम करने की जरूरत : डॉ. नरेश त्रेहन
डॉ. त्रेहन ने कहा कि दूसरे चरण में जिला अस्पतालों में भी पीपीपी मॉडल पर काम करने की जरूरत है। डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि चकगंजरिया स्थित मेदांता मिडिसिटी फरवरी से काम करने लगेगा। मरीजों को फरवरी से इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। करीब 12 सौ करोड़ की लागत से बने एक हजार बेड वाले इस अस्पताल में 23 विभाग होंगे। करीब 55 बेड में से इमरजेंसी और जीवन रक्षक उपकरणों से लैस होंगे। डॉ. त्रेहन ने कहा कि लखनऊ में मेदांता के शुरू होने के बाद अगले चरण में नोएडा, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद में मेंदाता अस्पताल शुरू करने पर काम चल रहा है।
इन्हें मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बेहतर काम करने वाले रेजीडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। डॉ. सुब्रत आर्या को बेस्ट डीएम स्टूडेंट अवॉर्ड, डॉ. राहुल जेना को बेस्ट एमसीएच स्टूडेंट अवार्ड प्रदान किया गया। डॉ. उषकिरण कौर को बेस्ट एमडीए स्टूडेंट अवार्ड दिया गया। राजीव सक्सेना और दिनेश कुमार को बेस्ट टेक्नीशियन अवार्ड मिला। अमरूनिशा और महेश चंद्र गुप्ता को बेस्ट नर्सिंग स्टाफ का सम्मान दिया गया।
डॉक्टरों को भी दिया सम्मान
पीजीआई के स्थापना दिवस पर फेवर फाउण्डेशन द्वारा प्रीति सिंह और संदीप यादव के निर्देशन में संस्थान के डॉक्टरों द्वारा नाटक ‘दर्द ए दांत’ का मंचन किया गया। इसमें डॉ. ब्रजेश सिंह, डॉ. पालीवाल, डॉ. अफजल, डॉ. नमिता, डॉ. नारायण प्रसाद, डॉ. प्रेरणा, डॉ. अभय, डॉ. रजनीश और डॉ शगुन ने अभिनय किया। इस दौरान डॉक्टरों को सम्मानित किया गया।
























