लखनऊ। भीषण गर्मी में त्वचा रोग होना एक आम बात है। लेकिन इस गर्मी में एक्जिमा नाम की बीमारी अक्सर लोगों को परेशान करती है। यह शरीर के लभगभ समस्त भागों में हो सकता है। ज्यादातर त्वचा के जोड़ों पर होता है।
डॉक्टर ने कही ये बात
यह एक फंगल डिजीज है। फंगस की वजह से और ज्यादा पसीने की वजह से यह फैलता है। अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। मीठी गोलियां (होम्योपैथ दवा) आपको इससे बिल्कुल राहत देगी। उक्त बातें गोमती नगर स्थित राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार ने कही।
ऐसा होता है
गर्मी में एक्जिमा ज्यादातर बच्चों औ वयस्क में भी हो सकता है। एक्जिमा त्वचा की सूजन और त्वचा की पर्याप्त नमी को बनाए रखने में असमर्थता के कारण एक बीमारी है। नतीजा एक सूखा लाल चकत्ते और तीव्र खुजली है, जो शरीर के लगभग किसी भी हिस्से पर हो सकता है। ऐसा होने पर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ये हैं लक्षण
एक्जिमा में सबसे पहले खुजली, लाली आ जाना, हल्की पपड़ी का जमना, दाने का पडऩा और इसका आकार अनियमित होता है।
ऐसा जरूर करें
एक्जिमा न हो इसके लिए एक-दूसरे के कपड़ों का इस्तेमाल न करें। अपनी तौलिया का ही प्रयोग करें। कपड़ों को गर्म पानी में ही धुलें। अण्डरगार्मेंट्स ढीले होने चाहिए। इसके अलावा नियमित सफाई का ख्याल रखें।
ये दवाइयां हैं कारगर
प्रो. राजीव ने कहा कि होम्योपैथ की दवा एक्जिमा रोग में काफी फायदेमंद साबित हो सकती हैं। डॉक्टर आपको बेसिलिनम, सल्फर, पेट्रोलियम, ग्रेफाइटिस दवा काफी सटीक दवा है। डॉक्टर के बताए तरीकों से यदि आप इस्तेमाल करते हैं तो आपको एक्जिमा जैसी बीमारी से राहत मिल जाएगी।
तीस फीसदी मरीज
राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोजाना करीब 1000 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें से करीब 30 फीसदी मरीजों में एक्जिमा रोग पाया गया है। यहां के डॉक्टरों के परामर्श से मरीज ठीक हो रहे हैं।
























