लखनऊ। केजीएमयू में एचआईवी संक्रमित मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां मरीजों को बिना इलाज वापस लौटाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों का हाल बेहाल है। यह परेशानी इसलिए है क्योंकि एचआईवी संक्रमित मरीजों के प्रयोग में आने वाली डायलिसिस की तीनों मशीन बिगड़ गई हैं।
गौरतलब है कि भुगतान न होने की वजह से केजीएमयू में डायलिसिस के लिए मरीज तड़प रहे हैं। कई मरीजों ने निजी अस्पताल जाकर डायलिसिस करा रहे हैं। वहीं केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि डायलिसिस मशीनों के भुगतान का मामला कंपनी से लगभग सुलझ चुका है। डायलिसिस मशीनों का संचालन जल्द ही पूरा भुगतान कर शुरू किया जाएगा। मरीजों की दिक्कत दूर होगी।
शताब्दी वन में लगी तीन मशीन बंद
एचआईवी के मरीजों की डायलिसिस सामान्य किडनी के मरीजों से अलग की जाती है। केजीएमयू के शताब्दी वन में तीन मशीन लगी हैं। लेकिन अब तीनों ही मशीनें खराब हो गई हैं। कुछ दिन से एक मशीन चल रही थी, लेकिन अब वो भी खराब हो गई। इससे अब एचआईवी संक्रमित मरीजों की भी डायलिसिस बंद हो गई है। करीब 10 से 15 एचआईवी संक्रमित मरीजों की डायलिसिस होती थी।
कंपनी का भुगतान नहीं किया
केजीएमयू प्रशासन ने डायलिसिस मशीन का मेंटनेंस करने वाली कंपनी का भुगतान नहीं किया है। इस वजह से मशीनों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है। केजीएमयू में 17 में से सात मशीनों पर डायलिसिस मरीजों का इलाज किया जा रहा था। अब एक और मशीन मेंटनेंस के अभाव में पूरी तरह से खराब हो गई है।
























